इस प्रस्ताव के अनुसार, देश में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 850 हो सकती है। वहीं ओडिशा में लोकसभा सीटों की संख्या 21 से बढ़कर 31 या 32 तक पहुंचने की संभावना है।

इसी तरह विधानसभा सीटों में भी 73 या 74 सीटों की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कुल संख्या 220 या 221 हो जाएगी। सीटें बढ़ने की संभावना से राज्य के सभी राजनीतिक दलों में उत्साह देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” भी पेश किया जाएगा, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान लागू होगा।

इसके साथ ही 2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण व्यवस्था लागू करने और डिलिमिटेशन आयोग के गठन का प्रावधान भी इस बिल में शामिल है।

ओडिशा को अपेक्षाकृत अधिक सीटें मिलने की संभावना के कारण राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। किन लोकसभा सीटों का पुनर्गठन होगा, इस पर भी मंथन शुरू हो गया है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक भुवनेश्वर, कटक और केबीके (कालाहांडी-बालांगीर-कोरापुट) क्षेत्र में नई सीटें बनाई जा सकती हैं।